नीत्शे के इस कथन पर गौर कीजिए, 'भगवान मर चुका है'.
भगवान तब भी मरा था जब अग्निपरीक्षा में सफल सीता को वनवास दिया गया था.. भगवान तब भी मरा था जब द्रौपदी का चीरहरण हुवा था.. भगवान तब भी मरा था जब चंड अशोक ने अपने निन्यानवे भाईयों को मौत दिया था.. पृथ्वीराज के साथ भी भगवान ही मरा था.. बाबर ने भी अयोध्या में भगवान को ही मारा था.. बाबरी विध्वंस में भी भगवान ही मरा था.. और गत सोलह दिसंबर को भी दिल्ली में भगवान मरा था.
दरअसल, मनुष्य का इतिहास भगवान की मौतों का इतिहास मात्र है. जिस दिन से इंसान पैदा हुवा है, हर दिन-हर पल कहीं-न-कहीं भगवान मरता ही रहता है.
भगवान तब भी मरा था जब अग्निपरीक्षा में सफल सीता को वनवास दिया गया था.. भगवान तब भी मरा था जब द्रौपदी का चीरहरण हुवा था.. भगवान तब भी मरा था जब चंड अशोक ने अपने निन्यानवे भाईयों को मौत दिया था.. पृथ्वीराज के साथ भी भगवान ही मरा था.. बाबर ने भी अयोध्या में भगवान को ही मारा था.. बाबरी विध्वंस में भी भगवान ही मरा था.. और गत सोलह दिसंबर को भी दिल्ली में भगवान मरा था.
दरअसल, मनुष्य का इतिहास भगवान की मौतों का इतिहास मात्र है. जिस दिन से इंसान पैदा हुवा है, हर दिन-हर पल कहीं-न-कहीं भगवान मरता ही रहता है.
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