शनिवार, 27 सितंबर 2014

Bikhre Lafz-5; 25 June 2013

आपदाएँ बङे काम की चीज है. यकीन नहीं तो आगे पढ़ लीजिए. 
एक आपदा ने कईओं की डूबती नेतागिरी चमकाकर रख दिया...न्यूज वालों को एक-दो सप्ताह का कच्चा माल मिल गया...कुकुरमुत्तों की प्रजाति के समाजसेवियों-स्वयंसेवियों को बैठे-बिठाए पोषण मिल गया...फेसबुकिए महात्माओं को दिन भर स्टैटस अपडेट करने के लिए मसाला मिल गया...धर्मवीरों को अपने-अपने धर्म का औचित्य-महात्म्य समझ आ गया...!!
और क्या चाहिए एक अकेली आपदा से?
मुझे तो अब बस एक और क्लाउड ब्रस्टिंग चाहिए पर इसी दिल्ली में और वो भी लूटियन्स के ऊपर.

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